तमिलनाडू

थमिरावरुनी नदी पर पार्क निर्माण का विरोध, सोशल एक्टिविस्ट ने कलेक्टर से लगाई रोक लगाने की मांग

Kavita2
14 July 2026 9:10 AM IST
थमिरावरुनी नदी पर पार्क निर्माण का विरोध, सोशल एक्टिविस्ट ने कलेक्टर से लगाई रोक लगाने की मांग
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तिरुनेलवेली : तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में थमिरावरुनी नदी पर प्रस्तावित पार्क निर्माण परियोजना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक सोशल एक्टिविस्ट ने इस परियोजना का विरोध करते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में कहा गया है कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप में बदलाव करने वाला यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

सोमवार को तिरुनेलवेली जिला कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर आनंद मोहन की अध्यक्षता में एक जनसुनवाई बैठक आयोजित की गई थी। इसी दौरान मीनाक्षीपुरम निवासी सोशल एक्टिविस्ट कृष्णकुमार एक बच्चे के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। बच्चे ने सीवेज में भीगी हुई शर्ट पहन रखी थी। इस प्रतीकात्मक तरीके से कृष्णकुमार ने शहर में सीवेज और नदी प्रदूषण की समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।

इसके बाद उन्होंने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें थमिरावरुनी नदी पर पार्क निर्माण परियोजना को तत्काल रोकने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि थमिरावरुनी नदी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन का आधार है। नदी से बड़ी संख्या में लोगों को पीने का पानी मिलता है और आसपास के क्षेत्रों में खेती के लिए सिंचाई की जरूरतें भी पूरी होती हैं।

कृष्णकुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि नदी के किनारे बड़े पैमाने पर कंक्रीट निर्माण करने से नदी के प्राकृतिक ढांचे में स्थायी बदलाव आ सकता है। इससे नदी के जल प्रवाह, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभावों का विस्तृत अध्ययन कराया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि तिरुनेलवेली कॉर्पोरेशन द्वारा करीब 59 करोड़ रुपये की लागत से थमिरावरुनी नदी पर पार्क बनाने की योजना तैयार की जा रही है। उनका कहना है कि नदी जैसे प्राकृतिक संसाधन को केवल मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नदी की सुरक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सोशल एक्टिविस्ट ने अपने ज्ञापन में मांग की कि इस परियोजना को तत्काल रोक दिया जाए और इसके स्थान पर नदी संरक्षण से जुड़े कार्यों पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसे किसी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाता है तो उसमें स्थानीय लोगों, पर्यावरण विशेषज्ञों और संबंधित विभागों की राय ली जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी मांग की कि परियोजना शुरू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment) कराया जाए और सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां प्राप्त की जाएं। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त अध्ययन और जनभागीदारी के प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े प्रोजेक्ट शुरू करना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है।

थमिरावरुनी नदी तमिलनाडु की महत्वपूर्ण नदियों में से एक मानी जाती है। यह नदी तिरुनेलवेली और आसपास के क्षेत्रों के लिए जल स्रोत का प्रमुख माध्यम है। स्थानीय लोग लंबे समय से नदी के संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की मांग उठाते रहे हैं। नदी में सीवेज और अन्य प्रदूषण की समस्या को लेकर भी समय-समय पर आवाज उठाई जाती रही है।

कृष्णकुमार द्वारा कलेक्टर कार्यालय में बच्चे के माध्यम से किया गया विरोध प्रदर्शन इसी समस्या को उजागर करने का एक प्रयास बताया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचे।

अब इस मामले में जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन प्रस्तावित पार्क परियोजना को लेकर पर्यावरणीय चिंताओं पर क्या कदम उठाता है और क्या परियोजना की समीक्षा की जाती है। स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की नजर अब प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है।

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